हनुमान जी समर्थ रामदास : एक अद्भुत संबंध

हनुमान जी और समर्थ रामदास के बीच का रिश्ता वास्तव में अद्वितीय था। रामदास जी ने हनुमान को अपने जीवन में एक गुरु के रूप में माना और उनके नाम अपनी समस्त शक्ति और भावनाएँ समर्पित की। उन्होंने तो हनुमान चालीसा की रचना की, जो हनुमान की महिमा और क्षमता का बखान करती है। यह निश्चित रूप से प्रेरणादायक उदाहर

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